Saturday, February 13, 2016





world Radio day

   विश्व रेडियो दिवस 


इस भागती दौड़ती ज़िन्दगी में साल महीनो की तरह और महीने हफ़्तों की तरह और दिन लम्हों की तरह गुज़र जातें हैं लेकिन ज़िंदगी का जज़्बा देखिये इस भाग दौड़ में भी हर रोज़ कोई न कोई दिवस मना ही लेती  हैं
काफी हद तक देखा जाये यदि ये दिवस न हों तो कुछ शानदार इतिहास रखने वालों पर वक़्त की धूल जम जाये ऐसे ही दिलचस्प इतिहास रेडियो का भी है 
आज का डिजिटल इंडिया तेज़ी से आधुनिकता की ओर आपने पांव पसार रहा है टीवी ने इस डिजिटल इंडिया को आपने पुरे वश में किया हुआ है, लेकिन रेडियो का एहसास अभी भी हमारे दिलों से अछूता नही हैं । जिस समय रेडियो ने अपने कदम भारत मे जमाने शुरू किये उस समय सूचना  और मनोरंजन के कोई खास साधन नही थे, रेडियो ने देखते ही देखते दुनियाभर में अपने पांव पसार लिए । रेडियो के इसी खूबसूरत और शानदार इतिहास को याद करने के लिए यूनेस्को ने साल 2011 से 13 फरवरी को विश्व रेडियो दिवस मनाने का फैसला किया, यह देश भी रेडियो के स्वाभिमान और उसके एहसास से अछूते नही रहें हैं, रेडियो की जनसंचार में महत्वपूर्ण भूमिका रही है, अक्षरों को न पहचानने वाले लोग भी इसकी सरल भाषा को बड़े आराम से समझ लेते हैं आकाशवाणी के रेनबो, एफ. एम. गोल्ड चैनल आज भी लोगो के बीच लोकप्रिये हैं दूसरी ओर प्राइवेट चैनल भी रेडियो मनोरंजन के स्तर को बढ़ावा दे रहें हैं । 
खूबसूरत यादें हमेशा हमारे ज़हन में बेहद लम्बे समय  की लिए हमसे वाबस्ता  रहती हैं और रेडियो की तारीख आज भी बड़ी दिलच्स्प किस्सों से जुडी हुई है जिसे भुला पाना हमारे लिए आसान नही है ।
13 फरवरी को कई रेडियो स्टेशनों ने इसके इतिहास और दिलचस्प  किस्सों को ताज़ा किया ।

विश्व रेडियो दिवस पर किया रेडियो प्रोग्राम आप के साथ जल्द ही साँझा करूँगा ।
शाहज़ादे सलाम